काले बच्चे

gut गोदी के काले बच्चे के

इधर उधर के ख़ाली कर्म

बुरे नहीं होते

हां पर

अंदर की जुबां तो

ख़ाली काली होती है

अच्छी लगे या बुरी

ख़ाली लाते तो लाती है

भू-लक्कड़

आधा को क्या भूलने की पड़ी है

या फिर भू के अंदर भरपूर

भूलक्कड़ लाने की लड़ी है


फिर तो लगता है की


लक्कड़ का ख़ाली आधे

भू के ख़ाली आ-ईरादे


खींची जाए सीधी नाक


चुप चाप भागे नेक न दे

गंजु

नन्दु तुम्हारे अंदर के किले की कला ख़ाली बंधु है

चारो और का ख़ाली यश भी मन मुघ्द ख़ाली संधु है

तो फिर गोदी की गंध भी ख़ाली सुगंध सिंधु है

आधे आम तो ख़ाली गेंदा गंजु है

समय का समाया

ख़ाली समय का समाया क्या सिखाया

wit()in is _till ti()e

gut मईया के गोदी के प्यार ने

तुमको ख़ाली इबादत नहीं सिखाई

इतनी सी भी

लाहनत है तुम्हारे भरपूर पर

गम – शुद्धि

आधा-आधे की सम्पूर्ण शुद्धि में

रात-दिन गम हो हाते है


आधा गुम हो जाये तो भरपूर बुद्धि

(जिसे अंदर बैठना नहीं सीखता)

और अगर आधे गम हो जाए

तो कत्थक-कली सो सिद्धि


ख़ाली नाट्य ख़ाली वृद्धि