sim(pal)ba
Category: innate
आयना देखे
जितने मू उतनी जू-बाते
काग काया कालक न ख़ाली राते
चा()दनी की भरपूर बरसाते
आयना न देखे मुखोटे भरपूर सजते
भूले भले न ख़ाली रहते अंदर रखते
देस
भूल जायो आधे देस
ऐसा बदला नही वेश
क्यू ढूढे भरपूर सन-देश
गोदी को करे कैद भरपूर भेस
h___
y un()not u _ear
g(ut)odi’
si_ence
hang_ed _an
आधे की बंद आँखों की नुमाईश की है फरमाईश भरपूर चाहे एक ख्वाईश
असुरो को ख़ाली बिठा के अब बांधे है गोदी मे समाने की गुंजाईश
अब क्या वा()धे के आधे से शा(त-ब)दी करोगे
फिर उलटी टांगे डालेगी भगड़ा गोदी के आसमान मे
hang_ed _an
ख़ाली आस
दुनिया की एक सास का वास
नही शामिल गोदी के अंदर का उपवास
ख़ाली हो गोदी का सारा निकास
आधे की एही प्यारी प्यास
कब खुले बूंदियो की ख़ाली आस
(a mo_ent’s _os)
gut मईआ ने आंखे बंद किते ही
सास को पल-पोस
के बड़ा कर दिया और सास की
आखे तो खुली ही रहेगी आधा जन्म
की उंचाईया की गिरावट मापने के लिये
फिर बड़ा को ख़ाली कौन करेगा
तेरा भरपूर ख्वाब
पभी पूरा पो पाया पय
str8 _ound
a hi_hest full_ess _eak of
one in()id kal–uga,
a str8 _all to_ard
em_tee _ual
_round
un()on u-ga
_arp
an em_tee
_ual _word is
to()tal _harp
pro()e_cting wit()in
_ap of gut nature
to()tal wiw o
_arp
धुन ख़ाली खतवाली
आधा बीमा()मुक्त करके आधे ने की ख़ाली
अंदर की भरपूर मज़बूरी नही पूरी पारी
आज के अंदर नही कमजोरी भरपूर है ख़ाली जोरा जोरी
साँस मे gut गोदी घुले ऐसी सुन्दर चोली की चाली चोरी
ब्रह्माण्ड भी खींचे लकीरे भोरी ख़ाली भोरी
ख़ाली धुन से धार धरे ख़ाली खतवाली

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