ਖਾਲੀ ਨਕ-ਥਕ ਕਿਊ ਦੁਖੀ ਹੋਏਗੀ ਸਾਰਾ ਸੰਸਾਰ ਨੂੰ ਦੇਖ ਕੇ
ਭਰਪੂਰ ਰਖ ਤੁਤੁ ਮੇ ਮੇ ਦੀ ਦੁਨੀਆ ਵਿਚ ਇਕ ਇਕ
ਅੰਦਰ ਖੁਦ ਨਾ ਔਖਾ ਵੇਖ ਕੇ
ਖਾਲੀ ਨਕ-ਥਕ ਕਿਊ ਦੁਖੀ ਹੋਏਗੀ ਸਾਰਾ ਸੰਸਾਰ ਨੂੰ ਦੇਖ ਕੇ
ਭਰਪੂਰ ਰਖ ਤੁਤੁ ਮੇ ਮੇ ਦੀ ਦੁਨੀਆ ਵਿਚ ਇਕ ਇਕ
ਅੰਦਰ ਖੁਦ ਨਾ ਔਖਾ ਵੇਖ ਕੇ
सृष्टि गोदी के ख़ाली दिखावे का ख़ाली मान अंदर भरपूर रखना
कौन सिखाएगा अपवित्र असुरो को अदर ना भरपूर चखना
o सृष्टि गोदी की मईया
ख़ाली शुन्य हो पूर्ण विवरण की वर्णमाला के ख़ाली अक्षरों का धर्मा
mae aum()tea shunea is to()tal absolute dia lit
each breath’ mandala of all em()tee realms of em()tee being
hol 1 dark_ess e*pelling in(out)id purging
within aum()tea विद्या
आधे है पूर्ण मंत्र का इधर-उधर का ख़ाली मात्रा
आधा भगाये भरपूर तत्र का इधर-उधर का भरपूर यात्रा
आधे का श्राप हो या फिर काली माता का
लात तो एक के ऊपर ही रहेगी
धड़ा धड़ धड़-धड़ खड़े हो रहे है हर सास के अदर
बिना चैन के
un_vers के ang_e_ भरपूर सास su_port करते है
और आधे तो ख़ाली गोदी का rec()tan_le तन तन तरते है
a शुन्य gut is to()tal em()tee 0 in(out)id a_on u
क्या खोया क्या पाया
जो न सोया ख़ाली न बोया
भरपूर ही ढोया ख़ाली न धोया
y-0-s in()id u de_erve to be t()eated with in()id res_ect
——
a respect is to ob(edient)serve & obea
(quiet emanating wiw o rae)
c_ose eie qu_etlee
in(out)id emp()ee hae
असुरो और बूंदियो के बीच में मंथन
सृष्टि गोदी का अमृत पूर्ण समर्पण
काल रात्रि है मधानी का सारा दर्पण
और आधे बैठा है निचे ध्यानी
नीलपंथ अभी हुआ अंदर का ज्ञानी
कब ख़तम हो कलयुगा की भरपूर निशानी
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