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for _e_t_une to a_in wiw o fe()n


as nothing within so without ever-i-thing

as ever-y-thing in()id so out()id nothing


no _@ter ever-y-thing u cre_ate f()om in()id _ind_ull_ess _ound

to()tal nothing re()_on-ates wit()in aum()tea ()ound

अ-ड़ा

आधे की सृष्टि मईया की गोदी में


दुनिया के सासो के भरपूर अमीर-गरीब का अदर एक साड़ा
तो सास ही बिना ()माने भरपूर घुट-घुट के अदर भरे एक भाड़ा


गोदी का अंदर तो है ख़ाली छोटा छूटा नाड़ा

ख़ाली ही रहे अंदर अ-खाड़ा

रामा, श्यामा आओ आमा

बैठे देखे ख़ाली बल की लकीरो

की सांसो का ख़ाली _ra()ma रा-ड़ा

ख़ाली शक्ति

gut ब्रह्माण्ड की शुन्य देवियाँ क्या भगवन की माँ नहीं होती जो ख़ाली() माँ को वर-दान भरती

शुन्य देवियों को पूजते नहीं सांसो में समाते सा बिना समाय

तो यह भगवन तक पहुँच ही नहीं सकते

सारी दुयाये अंदर भरपूर भार

उ-गर

अदर के कम-रो के क()मो को भोगने आये हो
अदर के बाहर

तो की सृष्टि गोदी के अंदर को रोगो गे

सास की अपवित्रता से असुर

तुम(अदर)हारी की भरपूर कर-तू-तो मे का प-रदा

भरपूर मा-बाप से छिप सकता है

गोदी की ख़ाली आहों से नहीं