शुन्या _ut का गुरु गोदी मईया के सिवाए
दुनिया के कौन से gut मे पैदा होगा
ख़ाली सांसो का सरूर सारा फिराए
Category: innate
a _harp ch
adhe has to()tal _i-lence
& u _ar b_inging err’ in-sol-ence
& t_en now
_og 1
si_encer co_erence
दिगा दरूर
ज़मीन की ख़ाली शक्ति की
देवी की गोदी का एहसास
अदर न ढूढे सास का ख़ाली रास
ध-रमो के बाटे भगवन की उपस्थिति
भहती भरपूर सास की आखो म-गरूर
लाह – पा
भरपूर की इधर-उधर गलती
सास अदर सही सुलाह शहर सल()ती
जले जो जाये ऊपर जय निचे जय जलती
हमें झा झरना ज़मीन जिसकी जलती
0 c_an_
0_ing _an be _one
_or ever-y-t_ing _et to be
0 un_one
ख़ाली सांसे
सृष्टि गोदी की ख़ाली ज़मीन में
आत्मा(तत्व)शक्ति की जरूरत ख़ाली सांसे
अंदर-बाहर धहलती धारे ख़ाली झांसे
इधर-उधर अटकाए ख़ाली फाँसे
टेक टिकाएं दाएं-बाएं ख़ाली दिलासे
being 0_ing pa()rent
adha janam _as to()tal no()thing to _ae
wit_in _ap of _a_ure 0 _ae
ख़ाली आन
सृष्टि मईया की गोदी अंदर आधे
ख़ाली महा(अनु-आन)बारक
ख़ाली खठ खठ
०५=५०
ख़ाली चठ-बठ
ख़ाली आधा जन्म सृष्टि गोदी के अंदर दिन आधे अंदर रात
ख़ाली साँस n()w to()al आधे अठ अट अट
० नव-शिशु ५ इन्द्रियाँ _ut गोदी ख़ाली खट खट
काल के ख़ाली पुतले काला-काली कुल कठ कट कट
आँगन में बलाएँ बूंदियो की बठ बट बट
s_it 0 u
y-0-s in()id u _its _ar ne_er _out _it
भगवन को दुनिया के एक नेक के अदर की भरपूर बत्तिया बहुत भाती भा
गोदी का अँधेरा तो ख़ाली खलता भूर भागता भग भग

You must be logged in to post a comment.