आयी है भरपूर घर की भै-रात
अनगिन्नत भरपूर की एक सौ-गात
गले से न अंदर सींचे न उतरे ख़ाली रात
न कहलाई आधे ने ख़ाली ख-कन खात
आयी है भरपूर घर की भै-रात
अनगिन्नत भरपूर की एक सौ-गात
गले से न अंदर सींचे न उतरे ख़ाली रात
न कहलाई आधे ने ख़ाली ख-कन खात
आधे दुनिया की भरपूर सडको की छाक छाली छान छा
और भरपूर सास का दामाद अदर ही एक इज़्ज़त
भरपूर मान बड़ा भाड़ा भरा भा
जल्दी से किराया ख़ाली करो नही तो लुटेगी बात
कलयुग का प-लड़ा है भारी
अंदर नहीं कन्या कोई कुँवारी
गोदी तृप्ति तो ख़ाली घर से होती है
क्या तुम्हे भरपूर आखो से अज़र अहि आया
रा के केस भू(ल) गये ख़ाली संदेश
छूटे आदते भरपूर बने अंदर बेश
अदर न शरमाये बिखरे न वेश
भरपूर मे तो नही तत्वा तरेश
जब जागो तूतू मे मे की दुनिया का एक लूट(ये)रा अदर ही लूटे रात का अधेरा
सौ सोनार की, एक लोहार की
ख़ाली लोहा सौ सोनारो का एक एक अंदर ही काटेगा
एक सोनार की, सौ लोहार की
दुनिया के अदर एक भरपूर का सोना सौ लोहारो को अदर ही बुझायेगा
बाहर आप कह के बुलाते
पाप अदर नही छूटे भरपूर लाते
एक हाथ से ताली नही तलती ता
हा तो दुनिया की भरपूर श(य्या)पथ एक सास के
साथ से ही ग्रह()न बही बरते बा
भरपूर त(ल)त्रा भरपूर गाड़ी और ख़ाली मंत्रा अदर अनाड़ी
अपवित्र असुर एक काम भरपूर बखूबी आखो से भरते है
भरपूर या ख़ाली हर इज़्ज़त उतारना
जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी
सृष्टि गोदी की जननी का पूर्ण ज्ञान साँस का ख़ाली स्वर्ग (स्वर का गर्ग) संपूर्ण वर्ग
दुनिया मे तक()रीरो के घर लू(लु)टते लुटाते ला
बाहर तो कालरात्रि के चरचे चाली च
बाहर ही गिरे तारे अंदर तो बूंदियो के ख़ाली खारे
गोदी में उतरे खैर के खूब ख़ाली न्यारे
असुर भरपूर ताकत वाले वोट वा
अपनी अपवित्र आदतो से गोदी मे ही भरपूर तखत भरपूर भखते भा
देवो की अखंड मासुमियत सृष्टि गोदी में ख़ाली माँ
की सिफ़त के सदके सारा सार ख़ाली पवित्र पा
ਚਲੋ ਅੱਧਾ ਜਮਨ ਦਾ ਕੰਮ ਤੇ ਲੰਮਾ ਲੀ ਲੇਹ ਲਾਯਾ
ਫੇਰ ਰਾਖ ਰੌਨ ਰੇ ਕਿੰਨੇ ਜਨਮ ਆ
ਖਾਲੀ ਅੱਗ ਨਹੀਂ ਆਨੀ ਅਦਰ
ਵਰੇ ਵਬਦੇ ਵਾਰੋ ਵਰ ਚੁਕ ਚਦਰ
अब क्या आधे की ख़ाली मा(न)सियत पे दिए ढ़ालने ढाए ढा
अ()ख़ना दिया ख़ाली है कि दूर मख्मूर
पर है कहा ख़ाली ि()यत नूर
आधे को सा(आ)मने आने की जरूरत तो ख़ाली खा अंदर
आधे न तो आगे न पीछे
न ऊपर न निचे
न इधर न उधर
धार ख़ाली भीतर ही भू-लाया
शुभ-लाभ ख़ाली गोदी सींचे सुर
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