s(ign) o(ff) s(oon)
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a to_al _ut off w3
निराळी आधे अब्र ओढ़नी
सुरक्षित गोदी सजे सिगोढ़नी
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निराळी आधे अब्र ओढ़नी
सुरक्षित गोदी सजे सिगोढ़नी
काल के अंदर सास का आखरी दिन
जाम जोयी जात जोड़े जिन जिन
शो शुरू श()या रात रोये रिन रिन
_lip _ile _ails _inish _ind
y ni_ _u-it s@ th_ir s_ill _et
0 is_l@ fu_l_ess y()s-lf
so_ th@ w_i_ch is 0
_ring em()tee _eing _elf
a di()f-er()nce 0= dot & period
a dot days dup dall dimes
&
ever-y1 un()0 c_oss_ en_ing /i_d _ime
pu_g _urg pur _ime
ढे-से मिट्टी मा मन
ऐसे आधे आ अंदर अन्न
बने है तो बाली बुरा बन
नहीं न नूर नदिया नन
ब्रह्माण्ड बारी बाली बांखे
गोदी(कोख) की ज़मीन की राखे
दिन रात करे ख़ाली खाखे
अंदर ()तरे निरा(आ)ली आँखे
रा के केस ढूंढें मत-मल मि()नी
देख तो जरा आंख अंदर ज्ञानी
कट कट काल कारा कमानी
शब्द शांति शत शय्या शानि
बरे बहावे धरोहर धार ध्यानी
कल यिस ()यार की ()याति-र घर के अदर के ()लरो को लड़ा लिया
आज सास की बी()यारियो की काट कडपूर कुचले
ख़ाली खु()लो खी खु()दियाँ
कलयुग के ()रो की तरपूर तरक्की
ता ताके न नाते
द्वापर दे दवारो दे ख़ाली आधा-आधे की ()क्की
an age of pi_ces2aqu_r_us
hous vs hom
गोदी के ख़ाली न( ा)ज़ारे लूटती
आखे विष_ull भरपूर भूख फूटती
हा थोड़ा थोड़ा ले कब्जे हथौडा
तू तेरी तान तत्र तदर मे तोडा
दुनिया के बाया ()गल मे क्यो कही मे द-गल मिया
धड धड दगा दखेड़ा दूर दा दीछा दिया
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