चट चाटा

सरपूर सासो सारनी सा
घर अंदर बिंदी विदाई वानी विचातानी
खट खायेगी खडपूर खमानी
खून खोलेगा खड़ा खुला ख़ि-तानी


तुम हारे मा-बाप को लापता
भरपूर भूतो का भूला भ्राता
और काली कर-तूतू लेकर आया छाता
१०० सर सड़ा इधर उधर एक रावन रटा राता


खुलेयाम खटी खोयी in_ent()it-y की इज़्ज़त
अदर की जाग(जग)रूकता चढ़ाने चढ़ने चो चहकती चा

यम-यम

घर के अदर सासो का नियम ख़ाली
इसका बल मत अदर का एक जाली
उचा उचा पोल पी पाले प्याली
गिराये घोर घोर घड़ियाली

हम-आरे पास क्या है जो तुम-हारे को
कर्ज का केखा करपूर कहलवायेगे