के-कुण्ठ के किए लिये सुँ-दर सीधी सेन सा
गोदी के अंदर तो सीधा सह सही सकते
बाहर के सेढ़े सो सीधा साड़ेंगे ससुर
के-कुण्ठ के किए लिये सुँ-दर सीधी सेन सा
गोदी के अंदर तो सीधा सह सही सकते
बाहर के सेढ़े सो सीधा साड़ेंगे ससुर
गोदी gut अंदर con_tip@ed रढ़पूर राढ़ रखा रा
अब हवा हो अंदर ही उ-ध()म उचायेगी
_ik bac_er से साया सा
s_ic s_oon से सुलायेगी y-0-s in()id u वा
for in()id breath u be_om ever- -thing re_pon_ible
& eies bec_me em_tee di-sci()ple
& a b_eat_ di__olv sin-is_er _ar in()id _ipple
जब हाथो मे ही अदर-बाहर काम
ख़ाली ढंग से करने की ब()कत बही बा
तो आधा जन्म की ह()कत हया होगी
भरपूर भोगी सास का दामाद अदर रोगी
कच्ची ईंटो से गोदी की ज़मीन पर घर बनाया
सास के दामाद ने दुनिया का एक आसमान अदर उडाया
पैसा पेशा बीमायारियो बेचो घर का गिराया
आखे भरपूर भाव-मान समान अदर सजाया
दुनिया मे अनगिन्नत मा-ताये
और अदर भाई भाप न सोने
के डडे डाल डही डचले डोने
तेरा भायी()न र तुझे अदर तितना तडाता ता
ती तू बाहर अच्छा/बुरा भरपूर भिडाता भ
it c()a_tes ys-lf y-0-s _ae wa_t in()id u
t_ough 0 _raft des(i-re)tin_
wa_t _lon _ell ()ew
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re_di or 0
a _ar of ()illage w()aring _asks
is co_ing as_ it is in()id u
coo_ed cu_ses
y-0-s nu_ses
sas _ull pu_ses
ca()ma re()bu_ses
मै (म)चली तू (तेरी)तली
इधर उधर सर सोचा नि(वि)चली
अदर बहार उ(छेड़)छली
दुनिया मे रहना है तो पत्थर का प()म
f_ame बो बनना बी बड़ा
बाहर गाड़ेगे अदर उखाड़ेगे
लोटे के लाट घर इधर उधर लुटाये
लोट ले लाये लाटू अदर लिहारे लुटे
अदर जगाये बाहर भुजाये भुटटे
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