सांसे बहलाए ख़ाली चच्चे चहलाए अंदर ()रन
सांसो का ख़ाली ध()म सहलाए गोदी का सन()तन सरन
दुनिया का एक एक सरपूर सू-रमा ना सू सके
गोदी की ख़ाली सुरमई() अंदर ख़ाली सर-मा()आ
सांसे बहलाए ख़ाली चच्चे चहलाए अंदर ()रन
सांसो का ख़ाली ध()म सहलाए गोदी का सन()तन सरन
दुनिया का एक एक सरपूर सू-रमा ना सू सके
गोदी की ख़ाली सुरमई() अंदर ख़ाली सर-मा()आ
_till _tr8 0 in()id 8
ਬਾਹਰ ਦੀਆ ਪੜਾਇਆ ਪਾੜ ਪੇ ਢਲਾ ਦੀਆ ਢੀਂਗਾ ਢਕਦੇ
ਅੰਦਰ ਦੀ ਖਾਲੀ ਪਰਾਇ ਨੂੰ ਖੜਾ ਖਾ ਖਾਦ ਖਕੇ
y ho-y 1 _an va_ue _ood 0 me_su()ed bie () _arm-on-ee
_a_m शक्ति un_a_m-ed माया का साया
गोदी के संसार के ख़ाली अंदर
दुःख-सुख तो बुँदियाँ ही दिन-रात पि-रोए
पाओ पोए परे पट खट खट खोए
बुँदियों को ना मिले मझधार
गोदी में तैर तहा तरपूर तिरदार
काहे का कंधे कुम्हार कहार
निवाला अदर नीवा बाहर बीमार
नि-ठले ठयू ठहरे उ उतरे उठाव
ever-y1-t_ing _el@ed to se_f is wor_t en()my of
y-0-s in()id u 0 dis-so_ve
ex_e_pt
y-0 sel_ car
ख़ाली खो भरपूर भहाना दुनिया का एक -एक नज़राना
अदर ना टिके दामाद दो देहर दुहाना
जल्दी जय जायो ज़ुबान जबाना
भरपूर भटर भाट भिखाना
mum_y 2 u _eed a ser-va_t
कोख के काट कितने कूड़े करपूर काख मरपूर मारो मात
a _omb is fu_l of _er-va_ts to _ick out u rest-a_rant
& y-0-s re()adi to in(out)id ta_nt
& in()id u bec-me _ta_nch y-0 co_man-da_t
a pre_ence of div()in is out()id
इसी लिये घर बाहर बहाना लाना ला लारे लो ल()पकेगी
किधर
अंदर की शुरू कहानी कुरु कानी कन कमानी
वापस ना आयी ख़त्म खी खुरु खा-मानी
बाहर भरपूर गवाही ग्यानी गानी
You must be logged in to post a comment.