बस्ते न सस्ते

बेचारे बच्चे भी कितना शोर मचाते है

(_cool बस्ते भी नहीं उठा पते)

आज के रात-दिन के अंदर

चिल्ला चिल्ला के कहते है मा-बाप से

u hold y() _tuff bie y()s-lf

अब इनको कौन बताये क्या

u hav 2-b alon u in()id

for th@ which u to be @-ar

is that a pos_si_il un-ti y

सेवा ख़ाली

gut गोदी की दिन रात के अंदर

तूतू में में ने बहुत ऊंचा उड़ना दिखाया है

शोर को तो इधर उधर ही भाया है

भीत भर अंदर भर लड़ाया है और

अंदर बैठना सिखाया है

कहा

कही उड़ रहा होगा

अब बैठने के सेवा ख़ाली

उपस्तिथ हो अंदर

सेवाये बीमारियों भरपूर सवारे

सास के दामाद के व()न ने

आज तक किया ही क्या है

सेवाये बीमारियों को पनाह देके

gut की ज़मीन को भरपूर काला किया है

अब तो बीमारिया भी @_ach हो गयी है

ज़मीन के तारे है भसरपुर सितारे केहते है

वारे न्यारे अंदर बसीठो जाम है कुंवारे के

संग करते है आराम के इशारे है

सौर मंडल के भवँरे प्यारे

आराम & शोर भी अच्छे

दोस्त है इधर उधर के

और आते जाते कटे रस्ते

भरपूर भीड़वाले अंदर