_car_y on _urging
car_er on _uring
car_i on pu_ing
_car_y on _urging
car_er on _uring
car_i on pu_ing
कब्रो के अदर शोर को ऊचा मचायोगे
तो मुर्दे भी अदर भरपूर
भाव भ-भरेगे
तेरा-तेरा
जुड़ गया साथ भरपूर से भरपूर
भालो भा-रात
शीशे के सामने आते ही भरपूर
गदे गूट गपड़े
तुम तो भरपूर वर वारे न्यारे
हम तो निहार ही नहीं नाय
i fo_ _uses
to_let me()oar _uses
a_m()tea tree
no()thing _eave
w_at’ _appening que()tioning a hat’ _@
भरपूर का भय भरपूर भाया का भरपूर भय
u too on fo_
ख़ाली माँ को नहीं जगाया
जगाने को भरपूर भाया
गाने गाने में भरपूर जग-माया
ख़ाली शक्ति में नहीं समाया
आधे ने नहीं रुलाया
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