भरपूर सास के भरपूर दामाद के पास सब कुछ भरपूर है
बस नहीं है तो अच्छी in()id gut ख़ाली प्रकृति
जिससे सृष्टि गोदी के सुर अंदर ख़ाली सहज रहते है
भरपूर सास के भरपूर दामाद के पास सब कुछ भरपूर है
बस नहीं है तो अच्छी in()id gut ख़ाली प्रकृति
जिससे सृष्टि गोदी के सुर अंदर ख़ाली सहज रहते है
सृष्टि गोदी में भरपूर ज़ुबान के ताले की चाबी को रजा नहीं मिलती
और फिर तूतू में में की 1 दुनिया तो भरपूर सास के दामाद की सजा पर ही टिकी है न
तो फिर काली माता की बाहर दरशाती लम्बी ज़ुबान का कोई लेना देना नहीं है गोदी से
यह तो भपूर दुनिया की बनायीं हुई दाती है जो भरपूर को असीसे देती है
8 _ill_on धढ़ कैसे टिक गये काली माता के गले में
और भरपूर का निवाला गले से नहीं उतरता
आधा जन्म लेने वालो को कभी नही मिलता
मोक्ष के लिए आधा नही भरपूर फलता
paus y e-mail & y ()s-m-s
for y in()id u did 1 _ol _ood
& to()tal wiw o 10 _ad
&
for a_on u _av in()id pass nothing _rite
& 4 t_en now
adhe is totallee emptee ()esting
wit()in lap of gut nature’
aum()tea wiw o _en-ses
no()thing initiated
असली ल(प)ढ़ाई तो अब होगी
आधे सांप और भरपूर निवाले की
भरपूर शरीरो तो गिरा पड़ा है
अदर की बीमा(या)रियो के मर-दो
की लाठी से
लेकिन भरपूर ज़ुबान की जवानी
तो कायम रहेगी
ख़ाली माँ को ललकारो भरपूर भरो
तथा(अ) स्तु
आधे आम
हांजी
क()मो को भोगने आये हो
तो रोगो भरपूरो को अदर एक रोका
है कितने पैदा किते आधा के
अदर एक के अदर आधा
बेढगे बीमारियो के शरीरो का दिखावा
करके खुश करते है तूतू में में की
दुनिया के मरदो को भरपूर जुबान
औरते और की ते भरती भय
भरपूर to _eep sa()ing nothing
ju_t _ik th@ _hi()ch is pa_t 1
un()not _nowing to()tal
co_t of un()doing
ever-y-thing in
this doing
अदर के भरपूर पापो का घर है
आपका भरपूर वर
चला है सिद्ध करने gut गोदी का
ख़ाली तर
an un()nown गोदी’ nothing
10 बहाने करके नही उतारा अदर
भरपूर ज़ुबान का जुरम का
भरपूर ज़ुमा
You must be logged in to post a comment.