सृष्टि गोदी के ख़ाली दिखावे का ख़ाली मान अंदर भरपूर रखना
कौन सिखाएगा अपवित्र असुरो को अदर ना भरपूर चखना
सृष्टि गोदी के ख़ाली दिखावे का ख़ाली मान अंदर भरपूर रखना
कौन सिखाएगा अपवित्र असुरो को अदर ना भरपूर चखना
y-0-s ने तुम-हारे घर के अदर bar_er sys_em चला रखा है
और
तूतू मे मे की दुनिया मे यारियो का भरपूर दिखावे का बीमा एक wa_er बहा रखा है
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loo_ing t_ough _lass _h@ y e*p&
ever-y1 is full of _reen y-0-s _ass in()id u s&
भरपूर घर का अन्न इधर उधर भरपूर रुला रहता है
भरपूर घर के कचरे का ढक्कन भी खुला रहता है
उससे भरपूर घर का भगवन भी भरपूर धुला रहता है
कोई क्या करे गोदो मे भरपूर घर ही भरपूर जला रहता है
गोदी की मईया को नीचा दिखाने के लिए
भरपूर सास तूतू मे मे की दुनिया के अदर भरपूर मरद के
एक धंधे का घर ऊचा बसाते है
ख़ाली बच्ची को घर के इधर उधर अदर के कचरे मे झोंका
मा-बाप को घर की अदर की सड़को का भरपूर धोका
अपवित्रता की उमर ने दुनिया का एक ना भरपूर रोका
सदियो से चला आ रहा पर-परा का भरपूर मौका
जब pre_ent मे यह हाल है y-0-s in()id u का
तब 0 की a_sence मे क्या होगा
s_am_ede
आधे है पूर्ण मंत्र का इधर-उधर का ख़ाली मात्रा
आधा भगाये भरपूर तत्र का इधर-उधर का भरपूर यात्रा
आधे का श्राप हो या फिर काली माता का
लात तो एक के ऊपर ही रहेगी
धड़ा धड़ धड़-धड़ खड़े हो रहे है हर सास के अदर
बिना चैन के
y-0-s in()id u को समझ मे नही आता
आधे का ख़ाली co_ d-un_
_ill b_anks भरने मे भरपूर _uckलीफ आता
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