ख़ाली घर

मौत के बाद का ख़ाली घर अगली सास मे

ख़ाली याद भरपूर रहता है


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कलयुग का चक्र तो बहुत छोटा होता है

सास को कहा याद रहेगा आगे पीछे का रोकड़ा

बीमा(या-ला)रो

गोदी के अन्न को इज़्ज़त से स्वीकारो

नहीं तो अदर ही महाभारत भरपूर (मा-वा)रो

उससे क्या होगा किस(ी-की)मत के भरपूर सितारो

आधा जन्म भरा रहेगा दुनिया के एक राज(बीमा)ला-रो

बायी बाई

t-v पे बरतन के तल को चमकाने वाली बाई है

इसी लिए सास का दामाद भी भरपूर बायी भय

भरपूर वारती उतारो मगल-मारती भरपूर मय

ग्रहो के अंदर ही गहरी ()वायी भरपूर लय

ख़ाली आँखे

हम मईया की ख़ाली आँखों में ही

काले-से-सफ़ेद-से-काले होते है


गोदी की आयने ख़ाली ही मजबूत होते है


सृष्टि को संजोए भीतर की धारे ही

ख़ाली साँस होते है

खारी लड़ी

बाहर तूतू मे मे की दुनिया मे आधा चिता बिछा राखी है और

अदर दुनिया की आधा जनता भरपूर खाड़ी है


यह तो घड़ी(किसकी-क्युकि) में छोटा हाथ

और बड़ा हाथ दिखावे की भरपूर झाड़ी है

चा()बी

छोटी सी चाबी से पूरा घर खुल जाता


भरपूर सास कितना (खु-घु)ला भाता है


क्या मे()मानो को अदर बद करके आता


इसी लिये बाहर आखो का भरपूर छाता