घर एक मदिर अदर की y-0-s का-रा

_om को _ouse बनाने मे एक _ec लगा()ता ला ला लय
_o-use को ख़ाली _ome बनाने मे एक जन्म
आधा अधूरा आता-जाता जय जय जग()राता

अदर वही वूरा विष्वास
आयो इधर-उधर की दुनिया का वास
अदर घोले विष का स्वास
सोले सूरा स्वर सास

मूल-आ-कण

ख़ाली सांसो का जहा()ज जी आधे आ घा()रा घर घा
आज कौन से ज़मीन-आसमान
मिलाने माया मय घेरा घा

गोदी आँखे ख़ाली खाम खेहती
एकांत न बोल सके वैसे सेहती
ऐसी शक्ति शांत-शाली शहती
माया मोह मोले मुख मा मेलती

कार कुरा

सृष्टि गोदी न पहचाने परपूर पुये
ज़ुबान जुड़े जरपूर जय जय जुये

आज इत-वार हा
सोने सी ईंट स्वार सा
भथोड़े भोहे भाव बीमार बा
कोई केक कदर करपूर कार का

कल की मै मै को पता चल ची चायोगा
आने वाला अदर तूतू भरपूर भूयेगा
बनती बारियो बे बरपूर बहकायेगा
एक बता दो बाटो बाहर बटवायेगा
अदर का अत भेक भा भुलायेगा
कलयुग का कर करपूर करायेगा