तुम्हारी तूतू मै मै का समाज सारी रात
जाग के आधा दूयिया के कितने हिस्से
अदर सपने साडते सा
Category: gut
शाति शनि शाह सुनो
देखो दात देह दाह
इसकी जुबान की मा है अग-अग-करे-जी
इसके पास नही है समय सार सरे सर-जी
हमारी मईया की गोदी मे हमें नहीं
kit()नुयो की कही बु(बू)लदी चा(क)हिये
नही सुनना तो तीन दिन
(चोर-चाद) बाद बनाना
यह शनि देव की शाति
के लिये लाडे लडते
म-गल-मय मडते
की का कब
नरचोर को कहा छुपा के रखा है
कुयिया के कमाज की तूतू मै मै के कामा काज
जायेगा जहा आयेगा अब अहा
गोदी के अंदर ही होगा हही
hoh
_o_ne_st()ly
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y-0-s in()id u
mi_dfu_l_ess
mi_mi
ਹੋਰ ਹੇਜ਼
ਮਾਂ-ਬੋਲੀ ਨੂੰ ਬੜਾਬੁਰ ਬੀਮਾਰੀਯਾ ਦੇ ਕਾਪੀ(ੜੇ) ਪੁਯਾ ਕੇ
ਘਰ ਵਿਚ ਪਖੇ ਦੀ ਕਿਲੀ ਤੇ ਤਗੀ ਤਕਦੇ
ਤਵਾ ਤੇਜ ਤਲ
coat-ਲਾ ਛੁਪਾ-ਕੀ
ਕੋਕਲਾਂ ਛੁਪਕਿ
ਰੁ-ਮਾਏ ਰਾਤ ਰਾਇ ਰਾ
ਜਿਹੜਾ ਅਗੇ ਪਿਛੇ ਵੇਖੇ
ਹੁਦੀ ਸ਼ਾਮਤ ਸ਼ਾਹ ਸ਼ਾ
ਤੇ ਜਿਹੜਾ ਘਰ ਅੰਦਰ ਬਾਹਰ ਵੇਚੇ
ਉਹ ਘਰ ਭਰਪੂਰ ਬਿਮਾਰੀ ਲੇਖੇ
ਲੈ ਕਹਿ-ਕਹਾ
लात पा(ला)पी
तुमने हमारी मरी हुई लात पापी पेट पे मारी
तुम तो हो घर के अदर बीमारी
समाज की यारिया प्यारी
एक su-दर क्या क्यारी
तुम तो करते घरो के अदर बुँदियो का ब्ला()कार
और बाहर करते वास के घरो का शिकार
खुली नजरे न हटे बडा मै घर समझदार
बेजुबाँ नही डालते गोदी में जुबान
बाहर निकालने का गंद
ठा ठा
मौत के मूह मे झोकते
तूतू मै मै का समाज क्या चौक-ते
घरो घडघूर दस्तक नही देता मोडते
एक एक मूह मे जय ज्योते
तुम तो हो वास की काली अधेरी रात
मे उडते रहो ठाठ की जात
भीख
कहते है गोदी कोई सीख सही सेहती
दुयिया के समाज की d()tail तूतू मै मै के आगे
एक घर की वास की de_ail कैसे कहती
सो()ते सहो स-स्ता
तुम्हे तुम-हारे भरपूर क()मो की दिन की सोच
ही रास्ता दिखाती घरो की रात के अदर
गोदी में कोई रास्ता दिन-रात रही रुक(तरा)ता

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