टीवी का सडपूर ससार दिन
रात खाउ खाउ खारता खा
सूखी खासि-यत खता खे
a_grey-ji भी भर भर भहम भकती
कहमत कफ कफ कापटी
टीवी का सडपूर ससार दिन
रात खाउ खाउ खारता खा
सूखी खासि-यत खता खे
a_grey-ji भी भर भर भहम भकती
कहमत कफ कफ कापटी
घर अदर रसोई भरी पडी है
कलयुग के करो()ड लोभ मोह से
और अदर की चक-मक से बाहर
काम क-लाते का
अब साफ सफाई से साम ने १ सम्बर सी सगे सा
क्यो कही को सुरसत सही सिलती
घर के अदर बजुर(ब)गो को उचा बोलना
इजाजत जसीब जही जा
इसीलिये बाहर दूयिया के h_ass के
b_ades को सूना सु-नाते सा
भरपूर क्यो कही का दमाद दी दोच
दोज दाल दागते दा
p() सास
हमारी गोदी गा गहना ग()य
भर भर भे भेटते अदर भय
और बाटते बाहर बाया बाय बय
सेसा ससुर-सास सा सूरा सहना
कितने पोते दोहते है तुम-हैरी सास के
आधा जन्म के एक-एक मिला के होगे
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तुम पाप का मल-मूत्र त्याग हर रोज क्यों नहीं करते
ध्यानी की हमें म्यानि की साँस समाने साथि सौ
तुम रात रही रह रह दस्ते
जिसको हराते है वोह क्या डरता डय
बूँदियो को मारे हा(र)का ध(क)रता धय
अदर बाहर जमाये जाल जय जय
मेल मिलयो माला मैल मय
ਅੱਸੀ ਝਲੇ ਵਾਗੂ ਚਲੇ
ਨਹੀ ਰਹਿਨਾ ਅਦਰ ਥਲੇ
ਖਾਯੋ ਖੇਹ ਉਪਰ ਨੀਚੇ -ਮੀਨ ਮਲੇ
ਇਧਰ ਉਧਰ ਵੀ ਲੈ()ਯੋ ਜਲੜ ਜਲੇ
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p_ices 4 li()mit _ol in()id
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con-sci(fi-r)ous-ly con(nec)duc_ ys-lf
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lo_ed 1s _ar _@t-le-fie_d _ring _or
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तुम-हारी उगलिया उगे टकली
खल्शियम खाया खाट खकली
चेहरे ची चाल चटपट चकली
चखा चाहता चकमकी चमली
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y( )s is al_aes *
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