रोगी का भरपूर भोग भिड़ाये भोगी
अंदर है कही बैठा योगी
योग यो याद याये
या-सतक योगी
रोगी का भरपूर भोग भिड़ाये भोगी
अंदर है कही बैठा योगी
योग यो याद याये
या-सतक योगी
खींच भरपूर निवाले का काम
लो आआ आधे जा ख़ाली आम
नहीं बैठा तो घुल जा अंदर इंतकाम
करो करि ख़ाली _ut का इम्तिहान
_id mother nature
told u to _it lik th@
or
y() _other is __o_ing
one’s that which one
fr__ght a
_ut _t@
&
within wh@ & _ho per()is-_ion y()s s() lo_d व()न a()lon
जुयो की तो cas_ ही -ash
है शरेआम खुले बाल _ash
&
y cu()enc-y is pla_tic
st_sh in()id -ash
()ax-ing के दाग पूरे पक्के है
किसी भी सास के
अंदर में नहीं साफ़ होते
कुरेदने पड़ते है
फिर थोड़े मुमकिन है
अभी सफायी
2()ae is un()not y()
_ast _ae is
_a_ing u
_ast __eath
__ough y()s are _ic()ating
u brea()ing
in()id y() pa_t
2()tal ju_it-er in
d_al _e-mini
जुयो का पेहरवा
_ual ma()ch
in(out)id
le_t & _ite
_it()a_n
सास तो अपने अंदर के
_ut के प्यार के का(कितने)बिल नहीं है
तो फिर gut मईया का
सारा प्यार तो सिरफ ख़ाली
बूंदियो के पास
अंदर ख़ाली
चुप छुप चुप
है
सास को प्यारी बनाने वाले
तो उपस्तिथ नहीं है अंदर
रोटी कपड़ा और मकान
कार के आधा महान
जो डूबे अंदर जान
तो उतरे पहचान
भुजायो भुजायो
gut का _ail ਭਰਪੂਰ तूफ़ान
a road is str8
& bus is going str8
& y()s un()not _av
u()ime di()est 8
d_d u _et
y() _eck _urn
le_t & _ight _ate
re()urn-ing y() _@
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