y do u _eed to _no
y in()id u @ar po()erfu()l
as ever-y-1 in()id on wor_d
un()not u no
no-1 _as no()thing
po()er on this plan_et
y do u _eed to _no
y in()id u @ar po()erfu()l
as ever-y-1 in()id on wor_d
un()not u no
no-1 _as no()thing
po()er on this plan_et
a b_ing on y spi()it-ual
_ath un()war of _ean of
un()er-st&ing 4 that hi()ch
_ast’ s()c of y in()id u t()uble
is in()id & see_ing
y _ell()eing is out()id
nothing dou()t
y in()id u it _ill is
_ol _ost
ever-y-on has 2 pae
_ual * u car()y un()on
बैठा करके भी बान की जू को बिठा
नहीं सकते तो भरपूर के खड़े होने से
जुबान भी खड़ी रहेगी दुनिया के
भरपूर घराने अंदर के पुराने
जमाने दिखावे दिल-दार
यकीन भरपूर माने
y in()id u _if is @ for()front
of भरपूर eies th@ u for()et
a-lon _ise
as this is _not al_aes po( )ible
y _not
for y in()id u _ots of
u _ot bec()me y _ot
भरपूर gut की भरपूर जात क्या होती है
बेचारा
बीमा-या-रियो का कुवारा
वारे न्यारे
इधर उधर निवाला
अदर का भरपूर हवाला
न उतरे सास
दामाद फुरसत वाला
नमक सब-जियो की यारी को गला देता है
गले के अंदर सारी सब ज़िया गुजर
जाती है आराम से
उससे gut के अंदर के भरपूर जी कब
तक पक्के रहते है
ਕਾਲਾ ਜੀ ਕੱਚਾ ਕੱਚਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈਨਾ
ਸਬਜੀ ਨੂੰ ਫੜ ਲਿਆ ਅੱਗ ਨੇ
ਜੀ ਜੀ ਦੀ ਪਈ ਪਾ
अपने सपनी से ज्यादा अपनो के भरपूर सपनो की फिक्र रहती है
भरपूर का फायदा तो पूरा ही होना चाहिये
मार धाड़ के सपने तो सब के एक है
मुझे आगे बड़ना है
अब यह भी ले लो
भरपूर न तो पिछे हटता है और
न ही आगे निकल नाता है
यह तो बीच में हे कही अटका हुआ है
मद मद का अकल है
सास के दामाद में क्या हो रहा है
भरपूर को पूरा प्यार पता पारा है
gut गोदी की ख़ाली बात सारे
पते पते को अनुमान सारा
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