रात दर

ख़ाली सांसो की gut मईआ अलग करके

भरपूर रिश्तो की तो भरपूर कदर होती है

तूतू में में की रोशनी की दुनिया में

असली gut गोदी कहा है

रात अंदर

पैसा आयी

तूतू में में की दुनिया में भरपूर कम(आ)यी

की कीमत पूरी नहीं सारी है से

बीमा-यारिया साफ होती है के गहरी

होने से भरपूर यात्रियों के दुख सुख में

भरपूर शामिल रहता है सब को

एक बना के रखता है

(a mo_ent’s _os)

gut मईआ ने आंखे बंद किते ही

सास को पल-पोस

के बड़ा कर दिया और सास की

आखे तो खुली ही रहेगी आधा जन्म

की उंचाईया की गिरावट मापने के लिये

फिर बड़ा को ख़ाली कौन करेगा

तेरा भरपूर ख्वाब

पभी पूरा पो पाया पय

सड़ सहा

gut nature ने भरपूर के रास्तो में

भारी मुश्किलें खड़ी करदी है इसी लिये

gut गोदी में भारी भरपूर मुश्किलो

का आमना-सामना सामने

सड़ सहा से