वास्तु शास्त्रा के अनुसार
सृष्टि गोदी के अंदर
हर वस्तु को मोल
अन्न के बराबर का बोल
और असुरो के नसीब मे
दु()रूप-योग का भोग
भुलाया अदर का भोल
वास्तु शास्त्रा के अनुसार
सृष्टि गोदी के अंदर
हर वस्तु को मोल
अन्न के बराबर का बोल
और असुरो के नसीब मे
दु()रूप-योग का भोग
भुलाया अदर का भोल
a within aum()tea breath
( सृष्टि मईया की गोदी )
is
to()tal grounded em_tee in(out)id 5-senses
a wiw o presence
ख़ाली सूर्य की गर्मी से पिघला
जिन जिन आँखों ने सांसे ऊ-गला
हमारी धारो ने आस(ख़ाली)मान खि()ला
गोदी के मज़धारो ने ज़मीन ज़िग()ला
आने वाला है ख़ाली कल
बने आज का ख़ाली जल
गोदी में ख़ले खरूर निर-जल
बूँदिया अंदर आरे ऊज्ज़वल
an em_tee temple within darcness is aum_tea ample
गोदी को है इंतज़ार
तो सोयो सारे तरो त्यार
बुँदियाँ बादशाह बढ़ा बहार
दिन रात खिसके ख़ाली
ओहि आम आरा आहार
अब गोदी मे तो आँखे
बंद बरके बैठना बढ़ता बा
खुली अंदर रखोगे तो
पौधे पड़ने पगते पा
सांसो की बलि ऐसे सोती सा
शिशु के आते ही ख़ाली आहट आती आ
आधे के पास पडपूर पैसे पही पा
गोदी की ई()जत सुरक्षित साक्षी सा
क्या कही
मोरी मईया मेहदी अब आधे जगईआ जाओजी
आधे आन ओ()या आधा ख़ाली खान खोया
an em_tee b_eat_ing ob_ec_ive is wiw o _o()tal _i_ence
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