ਧੰਨ ਧੰਨ ਧੰਨ

ਧੰਨ ਮੇਰੀ ਬੀਬੀ

(ਜੋ ਆਪ ਅੰਦਰ- ਬਾਹਰ ਨੂੰ ਖਾਲੀ ਰੱਖ ਕੇ)

ਨੇ ਭਰਪੂਰ ਖਾਲੀ ਦੇਵਤੇ ਪੈਦਾ ਕੀਤੇ

ਜੀਬਾਂ ਨੂੰ ਖਾਲੀ ਲਾਲ ਕੀਤਾ

ਸ਼ਰੀਰਾ ਨੂੰ ਮੁਕਤ ਰੋਗ ਖਾਲੀ ਕੀਤਾ

ਅੱਖਾਂ ਨੂੰ ਖਾਲੀ ਅੰਦਰ ਸੰਯੁਕਤ ਕੀਤਾ

ਆਦਿ ਸੱਚ

ਜੁਗਾਦ ਸੱਚ

ਹੈ ਭੀ ਸੱਚ

ਨਾਨਕ ਦੀ ਖਾਲੀ ਨਾਨਕੀ ਹੀ

ਸਾਰਾ ਖਾਲੀ ਸਾਹ (13-13) ਅੰਦਰ- ਬਾਹਰ ਸੱਚ

ख़ाली लो लाआ

ओइ आधे बूंदी

बूँदा मईया ने सारा gut ब्रह्माण्ड का

परिवार ई भेजे भर दिया gut गोदी के अंदर

केवल्य आधे आ इसी लिए गहता है

आधा केवेळ ख़ाली आधे को ही लाना

भूल मत ख़ाली खाना

गोदी का साथ संभालना

अंदर बहार ख़ाली बहाना

और बींद में आम को झुलाना

काले बच्चे

gut गोदी के काले बच्चे के

इधर उधर के ख़ाली कर्म

बुरे नहीं होते

हां पर

अंदर की जुबां तो

ख़ाली काली होती है

अच्छी लगे या बुरी

ख़ाली लाते तो लाती है

गंजु

नन्दु तुम्हारे अंदर के किले की कला ख़ाली बंधु है

चारो और का ख़ाली यश भी मन मुघ्द ख़ाली संधु है

तो फिर गोदी की गंध भी ख़ाली सुगंध सिंधु है

आधे आम तो ख़ाली गेंदा गंजु है

समय का समाया

ख़ाली समय का समाया क्या सिखाया

wit()in is _till ti()e

gut मईया के गोदी के प्यार ने

तुमको ख़ाली इबादत नहीं सिखाई

इतनी सी भी

लाहनत है तुम्हारे भरपूर पर

गम – शुद्धि

आधा-आधे की सम्पूर्ण शुद्धि में

रात-दिन गम हो हाते है


आधा गुम हो जाये तो भरपूर बुद्धि

(जिसे अंदर बैठना नहीं सीखता)

और अगर आधे गम हो जाए

तो कत्थक-कली सो सिद्धि


ख़ाली नाट्य ख़ाली वृद्धि