a hu_an _if is ble_ing of _od _est_ow y in()id
u within surface breathing is s()all_ow s_ing
तूतू में में की बोली तुम्हारे भगवन का प्रसवाद है जो चुप-चाप हजम-बोला
अदर है एक मोल का रोला के अदर e-no
घोला और फिर बोला तूतू धुला धोला
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तूतू में में की बोली तुम्हारे भगवन का प्रसवाद है जो चुप-चाप हजम-बोला
अदर है एक मोल का रोला के अदर e-no
घोला और फिर बोला तूतू धुला धोला
दिन में सोते भरपूर असुरो की रात की भरपूर वाता का जगाता का जगराता दिन ही हुया
अधेरे से आखे लदाते है अदर के दिन-रात की
तो फिर रात कब हया
_h@ _ill adha do
wit()out
adhe breathing
d-i-d wit()in
emptee()ead adha
a()lon
t_ain _ot
_itt_e in()id
_ate
घर की नज़र के बाहर तो भरपूर
मि()ची टाग राखी है
कान के छेद में क्यों नहीं डालते
आंखे तो बचाया ही लायेगी
कानो के छेद के अंदर
भरपूर भय के लिये
भरपूर ईंट का जवा(न)ब
म-रद ही देगा इम्तिहान
दौड़े इधर उधर भरपूर मचान
किसका आया है फरमान
मौत न देखे सर का भरपूर सामान
a_er()t
तुछ मानस
मान सास फिर उपवास
तेरा दिखावा भरपूर वास
मा को लेके नस/नस का दास
गोदी के बाहर भरपूर जायेगा बिना त्रास
कलयुग के या()त्रियों को
आधा जन्म के भरपूर दिन-रात
अंदर बीमा(या)रियो की
शुभ-काम-न-आये()
भू-का प्यासा आधे कितना भरपूर भैभीत है तूतू में में की दुनिया की तूतू से
gut गोदी के ख़ाली शेर से कहो पूरा li-on
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