फरारो

अब यह क्या
फिर से वही
सास ससुर के भरपूर जुयो की राते
लुटेगी अदर भरपूर सौगाते
चोरी छुपे भरपूर मुकालाते
न निकले मूह से बाहरपुर फर(ारे) माते

()गली

उगलियो की नोक पे भरपूर चुगलियो ने

चुग-चुग के ऊगा रखा है भरपूर

बीमा(या)रियो का एक युग

उठेगी उगली भरपूर भरेगा

रोगी का भोगी जब