बाहर का शरीर को अंदर खोने से
अंदर की साँस का प्यार कम होता है
कम नहीं गायब होता है
नहीं नहीं पैदा होने से पहले का ही मर्द-मुर्दा होता है
इसी लिए अंदर भी बीमारीयो का यार होता है
जो याद में रात को रोने देता है
बाहर का शरीर को अंदर खोने से
अंदर की साँस का प्यार कम होता है
कम नहीं गायब होता है
नहीं नहीं पैदा होने से पहले का ही मर्द-मुर्दा होता है
इसी लिए अंदर भी बीमारीयो का यार होता है
जो याद में रात को रोने देता है
कोई किसी को जान भुज के भुझै या ना
वा()ना तो तग भर्ती है न अंदर
कहा भर्ती होने जा रहे हो
आज में कल गायब रहता है
thin_ without
u ex()erience of y()s
in()ide is nothing _ame
as in()ide out in
u w_nt an out()ider to com in()ide u
&
_ive u good-bad trea()s
& w_en _reats be_om _trict
t_en y()s _un awa
from in()ide u
किले को ख़ाली आज करना
बहुत ही आसान है अंदर
इक लात यह है की उससे कल की
तूतू मैं मैं का संत-ुलन बिगड़ता है
पर लगे रहो उन्ना भाई उन्न्दा खुश होगा
(पिछली सास ने क्या ख्याल खाया था याद है इधर उधर)
y() healing with y() sound of ज़ुबान
सास को ज़ू का बान क्या
मिल गया ज़ुबान के अंदर
तलो के मंजो की तो जैसे
बाड़ अस गयी है gut गोदी में
gut गोदी का लावा
रूह का पहनावा
धार अंदर इतरावा
बूंदिया बुने मावा
b()aat ਸਮਝ ()not 2_prit ਪਹਰਾ
this is ab()y()_d-li in()an
मोक्ष किसी भी जनम में नहीं मिलता
उसे आज के अंदर ख़ाली तपना
होता है
मूर्ख
o
मा के सुर
सास को तो तूतू मैं मैं
की ही पड़ी है
आधे को भी अंदर जाने की
जल्दी ख़ाली के संग लड़ी है
अभी संभलो
पूछने की मरजी बड़ी है
घरोंदा ना रोंदो
प्यास बुझती नहीं
पास किले के कला कठिन कड़ी है
hope survives in y() world
for ()here is emptee such thing within lap of gut nature
बीमारियों के अमीर
शरीरो के गरीब
फैला इधर उधर नसीब
कहा लेके जायेंगे लकीर
ढूंढे बहार तक़रीर
सास तो है भरपूर शरीर
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