चल छाले

मै (म)चली तू (तेरी)तली
इधर उधर सर सोचा नि(वि)चली
अदर बहार उ(छेड़)छली


दुनिया मे रहना है तो पत्थर का प()म
f_ame बो बनना बी बड़ा
बाहर गाड़ेगे अदर उखाड़ेगे

लोटे के लाट घर इधर उधर लुटाये
लोट ले लाये लाटू अदर लिहारे लुटे
अदर जगाये बाहर भुजाये भुटटे

न आली

दुनिया के सडपूर स-सुराल मे

गोदी का माएका अंदर ख़ाली

आधा रहे जरपूर जाड़ा जय जोड़े जाली

आधे नी णमाधि न नोड़े निगोड़े नाली