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ख़ाली आत्मा ख़ाली से खूट खर छूट छाती छटती छा
बाया बा बकाल बर बलग बया ()या
ह()मने ये आज म()सूस किया
सू को मिला ()हक भरपूर भया
जडपूर जताये झाड झा जिला
जोडे जान()र जावे जवानी जिला
सृष्टि गोदी में नहीं है कोई
इतिहास जो हसे हास
१ दुयीया वास
ना आया भरपूर
भर-हास अभ्यास
खतम करो खडपूर खास
हरियाली निराली गोदी की जमीन
और
एक दुयीया अदर बज()र-बट्टू बीन
अब एह च()मचे को देख दर दाड़
बो-तल ख़ाली है तो लेटा है
और भरी है तो खड़ा खाड़
कमाल कहा करा काड़
o_serve is 0 wor_d less on us _ach
th@ do_s ach in()id less _ach
ह() तू() बने एक-दूजे के लिये
इसी लिए तू को हमेशा हा ही मिलता है
तूतू हाहा का हीर पार पी पया पीर
दिल 10-10 दुया दुगना दरीर
ईत्नि मुश्किल से गोदी के पूर्ण पेड़ो के प()चे
प्राणवायु(o*()gen) का आतम-निकास पार पड़ते
उससे भी दुगना असुर घर को अदर बाहर उजाडते
१ दुयीया की हव() की आग मे ()मीन का पा() पना पास-मान
def_nit_ly 0 co_su_ming असुर
बगैर अदर मेहनत ()य बाहर क()म-आयी
भरपूर तूतू मे मे बदपूर बदायी
mo_us o_er&i
be pre-se_t for _h@’s ho_ling
_ere & no_
मेरी तो छल छी छुट्टी क()ट कयी
0 @ d_op of 1 h@
_ho_ing 0 out
un_ble to _ope 1 in()id _out
0 _it y-1 bu_let
_urning _id _it _oil
0 _ury 1 h@__et
wa_t to _ook y_ung
0 d_ool _iv 1 du_g
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