o_en inनर _ir-c_l _ent
Author: mandalalit
now en+er co-ment all _ent
ra_vesh ra_vesh
en_er zee ma l desh
ho_nail _ert vesh
mes men germ sesh
छूटा तरतालित तीन अदर सत्तर सेक् एर
मोह अली बना बुरा बैक एर
रह गया पीछे तारो का मे एर
अब न कोई जाये बाहर बे हर
0 t_i
यहा पर पहरा बहुत कोडा है
बाहर निकलना तो आसान है
लेकिन अंदर आना बहुत मुश्किल है
बिना बताये थोडी आ सकते अदर
अदर वाला न सुने अख(बे)बार
आप न त्यार होना चमत्कार
पहले पहल पायो पराया पल
dual rit
privy brite
wry nit
let’ lit
बहा भरो
ख़ाली ढंग से सुनते ही नहीं
तो भरपूर से ही भरते भरो
अदर भरने से पहले ही बाहर आ जायेगा
बत्तियायो
दूयीया का स्मा(दा)ज ही मा-बाप बहिन-भायी
और बच्चो के मरने की धमलिया धारता
तुम्हे तो
गोदी के अंदर
यह सब कुछ अछा आता आ
हमारे बचे क्या तुम्हारे कहने पर ही मा—रेगे
राकेश राशन
ये रा तो त नहीं केश में मिलता और व छुपा रखा है
दामाद में हवा भारी है की
उ()फ उया किया
जब घर की जिदा लाशो की सफाई नही इतनीअदर प्यारी
तो हस-पताल मे क्या भरती मुरदा शरीरो की शायरी
hi बीमा(या)री hi बीमारी hi बीमा(या)री
आना तो है यही बू-ढा शरीर भारी
और जवान है नर की जू-बान अदर उडारी
रुको आधा
आधे को तो अंदर जनता नहीं त्यार
फिर कौन दिखाये आधा कब्र है बेकरार
a tar
what _ar pro_ein ba_s
for w8 li_ting rit & rit
*
कीटा-नु
आधे
कीटा-नुयो के अदर से अणुओं
को अंदर-बाहर निकालता
इससे किता को तो
तकलीफ ताजी
आजी

You must be logged in to post a comment.