10_er lo_ing _ar
Author: mandalalit
ओछा अचा
गोदी में
ख़ाली और भरपूर की
पूछ नीच नही नाम नाती
ख़ाली खल खहि खकता
भरपूर बल बही बकता
रुमाल रखो
छतरी आज दी दाती दरी दा
और लेके कल आ
रहे राहत रलो
नयी दुयिया
गोदी के कलयुग में कितनी देर तक
एक दुयीया भगदड भरपूर बहती बा
जितने दुयिया के अदर देरी दी दवा
बरकत बडा बुर
करपूर कमाई से दूयीया मे नरपूर
नीमा()नारियो की एक एक भार()कत
१ तो छभी छूटा छी छही गाठो गी गरकत
no_n 1
ou_er _pace mi_es_1
inनर _ace f()1 d(ial)umb_1
डटा
नरपूर नबज नाम नाता
जड()त्व (iनरtia) जुडवा जाता
अदर बाहर एक भरपूर भ्राता
दो आखे दुया दिला दरपूर डाटा
ओख आडे अरथि-यार
कोख ते तिकले तथियार
गिरे दूर आग के गोले त्यार
पास पडपूर राये नजरे नार
मि()वायो
आधा इधर आधा उधर
पार
1 of _hos mi_es
a _ime is ru_ning in()id gut _ur_ac()all
is th@ 1’s a_are_ess 0 _all
& y-0-s _et b_lie_e u in()id
th@ 1 _air _ar 0 wa_l
a _ime is _un(pi)ning 4 in()id
wor_d is fu_l of ou_st&ing 1s
& now _ord is tu_ning
in()id ho_1_um _un
1 into 0
1 ou_s_art b_sic 0 ()_old in()id _u-sic

You must be logged in to post a comment.