oh e_e _tar_
u _ar 0 em_tee
_ar the-y hea_thy
off(0)c()se
if 0 t_en
ever-y1 s_eal-thy
u _ar de-vote_ to 1 pur()pos
0_ing e_s re_ose
0_ing _rong wa_t m-or
b_ing in()id _it _r_nt for
u _ar _er 2 en_er_ain
a ba_ga_e fu_l di_नर _d_ain
oh e_e _tar_
u _ar 0 em_tee
_ar the-y hea_thy
off(0)c()se
if 0 t_en
ever-y1 s_eal-thy
u _ar de-vote_ to 1 pur()pos
0_ing e_s re_ose
0_ing _rong wa_t m-or
b_ing in()id _it _r_nt for
u _ar _er 2 en_er_ain
a ba_ga_e fu_l di_नर _d_ain
th@ is w_a_t w_o _as _o_d_red
जो घर के अदर अपनी बीमा(या)रियो के ठेके ठही ठहरा ठगते
वोह दूयीया दे दरो दीया यारिया – बीमा बारी बपनी जीभे जडते
बरकरार बीमे बाया बाटे बकीमे
we _ar all in()id 1
t_ough we _ar 0 ma_y
out(s_art) n_n
आज आधा सूखा पडा पेड है
तो इसका बलमत
सृष्टि गोदी आधे
धोखा डेढ़ है
नहीं नहीं ढ़ाई
स्वा सेर है
w_ere _ar we
_ar we in()id th_ir ye_
y
p_an(cre(ep)ma-t(emp(au_it)or)ium)et
an _ach _ill b_ing hel_ a_t-er_ard
टीवी का सडपूर ससार दिन
रात खाउ खाउ खारता खा
सूखी खासि-यत खता खे
a_grey-ji भी भर भर भहम भकती
कहमत कफ कफ कापटी
घर अदर रसोई भरी पडी है
कलयुग के करो()ड लोभ मोह से
और अदर की चक-मक से बाहर
काम क-लाते का
अब साफ सफाई से साम ने १ सम्बर सी सगे सा
क्यो कही को सुरसत सही सिलती
घर के अदर बजुर(ब)गो को उचा बोलना
इजाजत जसीब जही जा
इसीलिये बाहर दूयिया के h_ass के
b_ades को सूना सु-नाते सा
भरपूर क्यो कही का दमाद दी दोच
दोज दाल दागते दा
p() सास
हमारी गोदी गा गहना ग()य
भर भर भे भेटते अदर भय
और बाटते बाहर बाया बाय बय
सेसा ससुर-सास सा सूरा सहना
कितने पोते दोहते है तुम-हैरी सास के
आधा जन्म के एक-एक मिला के होगे
0-0 *
ti()t _ar
_aise 1 inनर _hil_ wi_e
0 ob(grea)d_ent im_ro()vi_e
तुम पाप का मल-मूत्र त्याग हर रोज क्यों नहीं करते
ध्यानी की हमें म्यानि की साँस समाने साथि सौ
तुम रात रही रह रह दस्ते
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