y-0-s wa_t a_l _ook @ chi_d_ood
wit_ 1 adu_t _ies for ys-lf en_er _un_y t_ic
& yi_es..arg.. pa-us pies
y-0-s wa_t a_l _ook @ chi_d_ood
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क्यो कही के क()रो मे
तूतू मै मै की जूतियो
जा जायज जाज जय
मा-बाप को क्या
सारा समाज सिर
सुदर सारता सा
तुम-हारे मूह से पहला शब्द शिकस्त शाकाल शिकला
_un-ty @tac un()कल
फैला फिसला फूला फिसला
देवी ने बताया भोलेनाथ को
गणेश पुत्र का जन्म हुआ
इसीलिए भोलेनाथ ने आते ही
पुत्र पा गहना गिरा दिया
जो देवी की ख़ाली विद्या का अपमान करे
वोह आधा जन्म घर घर बदनाम भरे
भो-ले()नाथ gut में ही बैठे है
कलयुग का कार(गार)नामा
जब अदर नही पहनता ऊपर
तो बाहर क्यो दिखाये निचे का घर नगा नुपुर
क्यो कही ने पैदा किया
b_a(बर)bo_s
बाहर सामने आने के लिये अदर का बहाना
घर के अदर किसने सिखाया
हल्ला-हेरि हाहा ह(प)ढ़ाया
मा-बाप निशाना भरपूर बनाया
अरे देखो आधे कब्र से उभर आया
आधे अंदर इज़्ज़त क्या होती है
भरपूर पैरो तले रोलती
ख़ाली माँ की गोदी की मिट्टी
t_ink car()fu_ly be_or u let y-0-s _lay
1 _or_d _am & in()id 0s _ham s_ar
1 _or_d’ va_loos of 1 pri_ri_ies
_ho le out_pok c_oss a _in
_hi_ch t_ing 0 go y-1 _ae
0 _eat _ead ho_se
0 re=ent b_ing le_t out
वास्तु शास्त्रा के अनुसार
सृष्टि गोदी के अंदर
हर वस्तु को मोल
अन्न के बराबर का बोल
और असुरो के नसीब मे
दु()रूप-योग का भोग
भुलाया अदर का भोल
0_ing _ess t_an su_1
wan_ mo_ than_ 0_ing _um
0_ing is in()id a_g_ry _um
पीठ पीछे क्यो कही रख के
सूर्य के सामने मोह का मूह रख के चलते है
तो आमने-सामने कहा मिलते है
सूर्य पीछे पलते पा
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