ख़ाली याद चखो


सास चाहे कुछ भी सोचे दामाद अंदर

जब साँस आँखों के सामने आएगी

गोदी का तय तभी gut मईया दिखाएगी

युग के समय के अंदर

रौशनी तभी जगायेगी

आधे आम भी भायेगी

g&t

तुम्हारे पास है ही क्या

gut मईया को देने के लिए

रात भर all nite di_(cus)sing

तूतू मेमे strategies

दिन-रात loud()eeker

दुसरे मर्दो के तलवो की सास की वासना को सुनते है

और कहते है

हाय मेरे यार का प्यार

This is mie wifi’ fav()rite-

I l(ik2)is-ten

3 am f()ush

शरीरो को उछाल उछाल के बाहर लिपा पोती दिखाते है

तूतू मेमे की वासना से भरी दीवारे (के अंदर कैद भगवन) को लांघते

असुरो को डर नहीं लगता

तो फिर कड़छी, भरतन और दरवाजे

are thae oppose a thing to