_outh

की तुमने आधे के मुँह से सुना है कभी

an emptee intentions within _outh

&

within lap of nature alon _outh

गोदी में बूंदियो के मुँह होते हे ख़ाली बंद

देह की तेह

आधे की देह की तेह जब ख़ाली होती है

तब to()tal देवी की काली आग आती है

आँखों को रात को रुला रोती है

पर एह क्या बाहर क्या देखती है

वा()ना

वा को ना नहीं भाती है

भरपूर हा सब को जगाती है

क्या काम

आप की सास का क्या नाम है

gut गोदी के अंदर

रोगी (रोग को लेकर रोता ही रहता है)

भोगी (भरे भोग के टीके रोज लगाता है)

योगी (दिन रात योग सताता है)

an emptee breath lie

_tr8 o_n f@ emptee _round

गोदी तो आधे ही होगी

आधा तो है रोगो का भोगी

योगी को क्या पता कब दस्तक रोगी

गोदी तो आधे की ही होगी

in(_ul )ation

wh@ is o_n()ine con()ul()tation

जिसमे आप को अपने बोलने का भाडा भरना पड़े

फिर आप भाड़े पे क्यों लेते है इधर उधर की क्यों

सीधा तो किसी को समझ मैं ही न हीं आता

होता

बाहर का शरीर को अंदर खोने से
अंदर की साँस का प्यार कम होता है


कम नहीं गायब होता है


नहीं नहीं पैदा होने से पहले का ही मर्द-मुर्दा होता है

इसी लिए अंदर भी बीमारीयो का यार होता है
जो याद में रात को रोने देता है

तग

कोई किसी को जान भुज के भुझै या ना

वा()ना तो तग भर्ती है न अंदर

कहा भर्ती होने जा रहे हो

आज में कल गायब रहता है

thin_ without

आसान

किले को ख़ाली आज करना

बहुत ही आसान है अंदर

इक लात यह है की उससे कल की

तूतू मैं मैं का संत-ुलन बिगड़ता है

पर लगे रहो उन्ना भाई उन्न्दा खुश होगा

(पिछली सास ने क्या ख्याल खाया था याद है इधर उधर)