अदर गवाया

भरपूर बचा भरपूर सो रहा है और

ख़ाली अंदर ख़ाली गोदी को देख के

(ख)रो रहा है

&

आधे जनम आज के अंदर गवाया

और १०० भरपूर आधा

इधर उधर पैदा भरवाया

अगली पिछली सास को भूल भुलाया

नेक ख्याल एक को आया

नकली माल को लाल करवाया

चल मेरे भाई तू भरपूर तुड़वाया

दा()म

तुम्हारी भरपूर ज़ुबानों पे काले

ताले ना लगवा दीये

तो हमारा दाम भी gut गोदी का

ख़ाली एही & ख़ाली यही

&

तूतू मैं में की दुनिया ने ख़ाली आधे

का भरपूर मज(य-का)बूत बनाया

और आधा को घर के

अंदर भरपूर गिराया