be c()eat-ive-ly
_eep _using in()id u
be c()eat-ive-ly
_eep _using in()id u
_ach _ar
_@ch u _tep _issing
ins()id _et f_oor
is()ing u _oor
th@ _hich is _et to be _ear
_old y in()id u g()owing
un_no()n _round _ear
be silent for()ver
th@ _hich is _ast _ive to
_eep d_ing for s_eaking
_out _i-ver
nothing se_ret div-is_ible
than ever-y-thing vis_ible
आधे के ख़ाली आधा नाम पर भरपूर कीचड लगाती है तूतू में में की दुनिया
आखे खुली रख के नाम बु-लाता है भरपूर
सीधी चुपी अंदर सीधी मौत
भरपूर भी सहेगा अदर की सौत
न रुलाये गोदी ऐसे ख़ाली झूले जोत
लो gut गोदी से बाहर हुआ भरपूर गोत
_ast-er-y of senses क्या होती है
अस्तर-आनी को बिठा दो अंदर
ख़ाली डंडे तो निकाल ही देंगे निवाले का दिवाला gut के ऊपर
भरेंगी इन-घरिया gut के ख़ाली ऊपर
हो गई बयानी धारियों की धरड़ धरड़
भगवन की चुपी कैसे सुरक्षित है तूतू में में की दुनिया में
भरपूर भडार घर घर पडाल
gut मईया को तो बाहर निकाल के रखा हुआ है
ज़ुबान कैसे संभालता है निवाला
जैसे ही बदला फिसला भरपूर हवाला
ज़ुबान की गर्मी गला देती है निवाले का ज़िल्लतवाला
for y in10_ion _eep fig()ting in()id u-_ind
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