भरपूर नायक हू इसी लिये
लायक भरपूर hu-ma_n
भरपूर नायक हू इसी लिये
लायक भरपूर hu-ma_n
क()मो के भरपूर दिन हर रोज बदलते है
कम भरपूर बढ़ता ही जाये
उचाईयो के जुरम
—
gut गोदी का दिन तो सारा ख़ाली हमारा
भरपूर के पास जिन जिन की दागियो
के सिवाये अपना है ही क्या
गोदी के बच्चो का दुरुपयोग लिए बगैर
भरपूर कर सकता है भरपूर प्यार का इज़हार
gut गोदी का सावन भरपूर के लिये बरसेगा
गोदी के gut का सगा है न
तू तेरा भीख भरपूर सीख
आखे राखि भरपूर चीख
_tan-दरद is भरपूर b_o_n
&
s_an is ever-y-thing
in()id _ard f_o_n
e-वर _id y _od tell भरपूर to
res_ect gut nature godi
भरपूर in()id ne_er _et
_od’ _other-in_aw
y’all _ach _ices
itch in()id _ead
rise on भरपूर _ed
सास का दामाद एक भरपूर के साथ
आधा जन्म का पूरा दिन गुजार सकता है
बस मुश्किल है ख़ाली करना
अदर की आधी रात
ढूंढे अदर बिंदी
की ख़ाली बात
_@i_ence in _ace of th@
_hi()ch pa_t 1 can-not be
chan_ed for y _eep winning
in()id u _est c()se act-i-on
to b_ing s_out w-or-st
1 _oot j_urn()y in()id
each _qu()are(y)box
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