शरी आप

भरपूर शरी आप न मिटा सके बूंदियो का श्राप


नही बदला भरपूर बदला लेने का पूरा पाप


आप आप आप लगे रहो भरपूर बाप


भाप न जाने अंदर का भरपूर माप