तूतू में में की दुनिया में फैलाव f_aw है
धोखे भरपूर धड़ की भरपूर स्वाह है
तूतू में में की दुनिया में फैलाव f_aw है
धोखे भरपूर धड़ की भरपूर स्वाह है
भगवन सब सोतो को देख रहा है
gut गोदी के खोते ख़ाली से _ound ()रते है
भरपूर खोते सास की ज़ुबान को _ound पुन्य परते पा
—
एह तो भू ही गया
भगवन की आखे भरपूर है के खाली
नंगे चेहरे लेके इधर उधर क्यो घूमते हो
मुखोटो से छुट-(यारा नही धरता ललकारा)कारा नही चाहिये
हवा के भरपूरअदर खोखे
रात के भरपूर अदर धोखे
दिन के भरपूर अदर जोखे
जहा भरपूर की वाह वही अदर सौखे
rap()id _ire qu()_tion
y in()id u भरपूर n_tion
sh()it is _ol _un _otion
बूँदों की छन छन
घेरे है खाली अन बन
गहरे गोदी खाली धन
आन मिलो धारो गिरे जन जन
बाजे पायल घनन घनन घन घन
y in()id u i_nor
g(ut)odi’ aum()tea red apple’
_erms &-of un_on-di-tion
for each adha birth is भरपूर
_ol rendition wai()ing
in(out)id peti(no)tion
go with f_ow @_ach-ed भरपूर ()go
i am fighter
यह तुम-हरो दुनिया के he-ow किस भरपूर किस
ब्याहता को छुड़ाते है
अदर येक से
भरपूर to_let _lock करवा के किरायदारो को बाहर निकलवायो
भरपूर सास के दामाद की यह अदर सोच
निकालो आधे बाहर ख-रोंच
गोदी के gut में भी तो एही हो रहा है न
एक _rob_em एह है की b_ock नही खु()लेगा किसी भी
आधा जन्म की सास मे भरपूर ही-मत नही
है अदर एक एक की
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