हम अपने पैसो से जुबान के समाज को
दुयीया की सैर कराते
बेशरम येश हम बनाते
अन्न ने न हमें छुआ
जो भी खाया भरपूर भुये
चडा चू चू चुया चुया
आखे धडी धोखे धुया
न बैठे अदर रुया रुया
हम अपने पैसो से जुबान के समाज को
दुयीया की सैर कराते
बेशरम येश हम बनाते
अन्न ने न हमें छुआ
जो भी खाया भरपूर भुये
चडा चू चू चुया चुया
आखे धडी धोखे धुया
न बैठे अदर रुया रुया