दुनिया के एक-एक असुर ने ही सूखा सिला सा
गोदी के माँ-बच्चे के सुरो सी ख़ाली खिल-ख्या()रियाँ
अब आना अहा आ
_ai_ing _ead chil_r()n’
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हम तो आज ही आरे-नारे
तुम-हारे हिटने हारे-वारे
दुनिया के एक-एक असुर ने ही सूखा सिला सा
गोदी के माँ-बच्चे के सुरो सी ख़ाली खिल-ख्या()रियाँ
अब आना अहा आ
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हम तो आज ही आरे-नारे
तुम-हारे हिटने हारे-वारे
सासो सा ()हाज वाता की वडपूर वृत्ति से ड()म-गाता गा
किसको को साथ स()नावे स्यू सही सेके से
असुरो के ()र-दार
सोच सो सोच साढे
जूठे ज()त जड ()जाडे
i am 0 _ur w_ere it _rigi()nated
_id it l& on y ton_u ti2()lated
_ow
sun_ise yo_a _@c_es _ir in()id _un_et भोga
1 un_verse गोदी से मैच महि मड़ता
भरपूर भ()दा भूडा भास सास सा सरीर
कैसे किठाये क्यो नही क()न का ()कीर
0_ing vs ever-y-t_ing
हम-आरा अनुभव कभी तुम-हारो के भाव से सच सही सड़ता
तुम-हारो के नर का तन कौन साफ़ सड़ता
दुनिया की एक शाति आयी कहती क्यो कही कडता
क्यो के कितने कास कड़े को
अदर गी गडपूर ग()मी गी गोलता
गोदी में to()al he@ _ave से क्या कोगा
क्यो कही काडा किया ()कोर
u _ar 0 a_on
is th@ 0 p_on
re_li_y is u s_on
ri_ 1 0 c_on
1 _oise is ho_y _ho-ice 0 a_ead @_ending
y-0 _@ur-ally dra_n _eels ri_ _vi-dence pre_ending
y-0 soci_li_ing is _ol fu_ re_a*ing it ru_n res_enting
पंछी तो ज़मीन पर बैठते ही नहीं पैर
तो चलो क्यो नही को दुनिया दा
कडपूर कूड़ा कि-खाते
कितने
क्यो नही रुड राते
पंछी दुसरे पंछी को मार के कच्चा खचा खच खाता
असुर किसे पकाते घर के अदर बहाते
खु()बू खा()ोश खो
ਕਿੰਨਾ ਦਾਨ ਦਹੇਜ ਸੁਟ ਸਾਦੇ ਦਫ(ਨਾ)ਤਰਾ ਦੇ ਦ()ੜਪੂਰ ਦਾਤੇ
ਤਦਿ ਤੇ ਗੁਟ-ਗਟ ਅਦਰ ਪੂਰੇ ਪਾਰ ਪ()ਹੇਜ ਪਤੇ
u _no it _ill ne_er _ap_en
हम-आरी गट गट गाटे गी तुम-हारो की क्यो नही की(मची)मारी
y-0-s c_e_ate ri_ _li_ate
0 cre_m-ate in()id u
for _ol kal_ug
सर से पकड़ना मुश्किल
पेरो को दौड़ाना हासिल
जहा जाये जस जोखिल
दुनिया मे ह-भी हारे खोखिल
अदर कडपूर एक काबिल
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