कहा कर कयी

ह-मारी क()म वाली नही आयी आज का रश-फाल
उसके टीवी की शाति चली गयी है ससुराल
अडवास को मै ने चुया-चास ची चाल
ह-मतो चले है तूतू को दिखाने बया बाल

गोदी की तिजोरिया ख़ाली कर के घरो मे बडपूर बीमायारिया बरते बो
रात दिन मा बाप को एक जुबान की दादा-गिरी डटे डाल डो
ह-मरे हाल है हालत ही हट लाट लाहिब लो

बे()बान

ज़ुबान जी जात क्या भरपूर मा-बाप ने बनायी
जो दिन रात गोदी की ख़ाली मा ने परेशानी पायी
बेजुबान ससुर को सास सडपूर सही सायी
ले आया अदर बूढ़ा वास वजह एक निभायी