घर के अदर है हसना मना
इसी लिये बाहर हसना योग
गोदी की ख़ाली जागरूकता
को रोके जडपूर जा जना
बल-बल
ब()वास बडपूर फला फूला
तब क्या अदर अब आयना भूला
धूनी धमी धरोहर धूला
रूनी रमी रा रुकता रुला
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ड()ट डट
ख़ाली आत्मा ख़ाली से खूट खर छूट छाती छटती छा
बाया बा बकाल बर बलग बया ()या
कर तू()स
ह()मने ये आज म()सूस किया
सू को मिला ()हक भरपूर भया
जडपूर जताये झाड झा जिला
जोडे जान()र जावे जवानी जिला
दुर-भास
सृष्टि गोदी में नहीं है कोई
इतिहास जो हसे हास
१ दुयीया वास
ना आया भरपूर
भर-हास अभ्यास
खतम करो खडपूर खास
हरियाली निराली गोदी की जमीन
और
एक दुयीया अदर बज()र-बट्टू बीन
re()serv
अब एह च()मचे को देख दर दाड़
बो-तल ख़ाली है तो लेटा है
और भरी है तो खड़ा खाड़
कमाल कहा करा काड़
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1-2
ह() तू() बने एक-दूजे के लिये
इसी लिए तू को हमेशा हा ही मिलता है
तूतू हाहा का हीर पार पी पया पीर
दिल 10-10 दुया दुगना दरीर
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ईत्नि मुश्किल से गोदी के पूर्ण पेड़ो के प()चे
प्राणवायु(o*()gen) का आतम-निकास पार पड़ते
उससे भी दुगना असुर घर को अदर बाहर उजाडते
१ दुयीया की हव() की आग मे ()मीन का पा() पना पास-मान
def_nit_ly 0 co_su_ming असुर
बड बढ़
बगैर अदर मेहनत ()य बाहर क()म-आयी
भरपूर तूतू मे मे बदपूर बदायी

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