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कौन है क्यो कही से बेहतर
तहि तरा तो तारा तुम-हारा

मेरे जैसा कस(आ)यी क्यो कही
जतेरे जैसा जाये जला जहि

भरपूर जहर पे भरपूर भेट
और ख़ाली खैर पे लात मारो पेट

तीवी ताल

तन के जोड
उम्र के भरपूर निचोड
कहा कहाय

अदर के बहार

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दाग दुया दाते दया दबाते

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नेको नही नोडो निच जन जच

खूबसूरत ख्याल के बाल ना सि-राये सडपूर स्याल

स्वा साब सिठायेयीये और सब सुलह पायेयीये