ढोते

ख़ाली बैठने के लिए कोने ही सारी
जरूरत भरपूर रोते


घंटे का आधा चुप चुप ना बाधा
तुम-हरा क्या है इरादा
कैसे कुटाया कूदा काडा
किस किस को दिया दया दादा

आत्मा मैल मुक्ति

शरीर की मैल की आत्मा को मैल से

मुक्त करना है तो आधे अंदर ख़ाली

उपाए को आम जनता तक पहुँचने

मे थोड़ी देर लगेगी

कितने आधा जन्म

लेकिन आधे नमय तो इसी

काल के युग के अंदर है

सृष्टि गोदी से ज्ञान प्रापत कीजिये

फिर सास के साथ प()धारे

ओह सब तो ठीक है

आधे कही कजर कही काया

सजरे साफ़ सरो

शोषन मैल

शरीर की मैल के घर के अदर
दुयीया के समाज का पालन-पोषन
_ol s_ow off/on रोषन


समाज के पैर दामाद अदर लेके
सास के साथ उडायेगा
तो क्या होगा
con_tip@ed(i-tion)


ਸਾਰਾ ਚੌਨਾ ਆ ਗਯਾ ਏ ਕਠਾ ਹੋ ਕੇ
ਕਬਰ ਨੇ ਵੀ ਅੱਧਾ ਜਨਮ ਨੂੰ ਕਰ ਦੇਨਾ
ਦਫ਼ਾ ਦੋ
ਜਾਯੋ ਤੇ ਘਾਟਾ ਘਟਾ ਕੇ
ਜਮਾ ਜੜੋ ਜਮਾਜ
ਦੁਰ ਡਿਟੇ ਡਰ ਮੂਹ
ਸਤਿਯਾ ਸਾਸ ਮਿਟੇ ਮਾਸ

_et te*_

नर(का)नर is wit_out _ex

0 th@ _it is _ol _or_d

in(नर)c()s

0 un_1 ()c()urs

a cu_se

qu(sc)en 0s out bar_ain

b_ing in()id fu_l_ess _argain

in out ho_ _out t_ain la_e

ju_t si_ in wi_h-out wa_

0_ing out _ur_ives pea_
eve-rit_ing in()id is 0 f_eak

u soo_ al1 c_ar-if-y
tal_ en_er 2 can_ary _ie

un_er _round
i-ron @_ract _ag_net


on _ur_ace

ir-on @_ached

भरपूर _ut groun_

mag(y)ne(po)tism

भटक भटक

बिजली के भडके

झाड झुड झुड झडके

सास से सारे सटके

कहा से आये करो-ध कटके

जब त्यार परसाद है भरपूर हथियार

तो दामाद मे कैसे कैसे क्या

बतियाते बीमा-यार

ओखली मे सास तो मूस्लो के

झटके जहाज क्या लेने

देंगे साँस

आधे प्रदान

अलख निरंजण
सृष्टि गोदी का अन्न-जण निराकार


भिक्षां देहि भिक्षां देहि भिक्षां देहि


हे अन्नपूर्णा देवी


आधे को गोदी नंदन के लिए


गोदी उद्धार आदान कीजिए