खै-रात खले खाल पल पले
रात उ-गले रूब-रु रले
दिन दोगुने दो दवार दले
कौन रु रहर आम मन मिले
आदि आली
आधा काली आधे निराली
प्रदान-आदान ख़ाली खवाली
ड()डू
आधे लद्दू लाल लाया
आधा निगला नाड ना()या
बाहर इधर पछ-ताया
अदर उधर पच-काया
त-रैड तूती तय तलाया
con-nec_ing _ot
भरपूर भला
भरपूर गले मे * _il_ion धड
मै भी इधर मगल तू भी उधर जगल
तो हो जाये धड धड दगल
धर()धड
u _ar li_ting eve_y1′ ()र-मा
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ओछा अचा
गोदी में
ख़ाली और भरपूर की
पूछ नीच नही नाम नाती
ख़ाली खल खहि खकता
भरपूर बल बही बकता
रुमाल रखो
छतरी आज दी दाती दरी दा
और लेके कल आ
रहे राहत रलो
नयी दुयिया
गोदी के कलयुग में कितनी देर तक
एक दुयीया भगदड भरपूर बहती बा
जितने दुयिया के अदर देरी दी दवा

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