no()thing _om_ out of wi-thin
is in()id c_ose wi-thou_t
_ever- -thing
0 r_ot 1
a roo_ solu(b_e-po)tion is
pro()lem of sq_u-ar mi_d(full_ess)
p_ll-u()tion
in-out
w_at is y( )s to be_in wit_
th@ _hi_ch is en_s in()id a_on_wi_th
0 wit_st& _outp( )ing pit_
मगल मगल
शोरगुल ज़ुबान ज्वा जुगल
आखो आडे अडपूर उगल
दिन दहाडे धड धड दगल
रात रोये रोम रोम रुया
र()गल
अनु ()मेलन
माया की अनुमति
करपूर कही कुचल कहता
गोदी की ख़ाली सृष्टि सन्मति
अछूता
१ भगवन सबको एक होने की सन्मति देता दा
बल मत यह है की सब एक ही भरपूर छूटे छा
तो अछूता कौन रह रहा
1 _ice
दूयीया की शाति एक छिवि छेपे छायी
घर घर के अदर बर-तन चमका(आ)यी
आयनो मे आग उ(डा)ठा थप थपाई
अदर ही भरो भरपूर था-था-पायी
कह-कहे
नर आखे मादा सलाखे
जुबान जाडे ज्वा ज्वाखे
आया-ता
गोदी के अंदर आधा जन्म सांस ()नाता
और घर दूयीया के अदर
एक उची दूकान दाता
र(न)गीला
दिन को आधा जन्म मिला
अदर भरपूर दिन दुया ढीला
चाव चा चमक च()मका चीला
आते ही टालो तवा ते ताल तीला
बरसे अ-गारा आग र(स()खा)गीला

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