आये साये

नानी तेरी भरपूर मोरनी को मोर ले आये
बाकि जो भरपूर बचा चाले चोर ले भाये


बाहर जो होना था अदर हो आये

हाय बैठे अदर के समाज के

साले सौर को काले

कौर क्या काये

नही न()ये

_eep _ed

ख़ाली माँ की ख़ाली बच्ची को

असुरो के 1 b_other_ood ने

बिजली के झटके दे दे के दे दे के

झटको को उतना ओछा

हुया की क्या कुया

_ro-the_hoo’ 1 each _is()ved

0s li_ on _ole so-lov_

न डरे न मरे

आधे का दिल मरा हुआ है

इसी लिए ec_ec_ic s_oc

देदे के re()_iv कर रहे है

रात की रू-बर

महीनो से डर नही रहे

भरपूर खाल के खरे नही मानते

दिल शरीर का नहीं

आत्मा के अंदर सोता