न डरे न मरे

आधे का दिल मरा हुआ है

इसी लिए ec_ec_ic s_oc

देदे के re()_iv कर रहे है

रात की रू-बर

महीनो से डर नही रहे

भरपूर खाल के खरे नही मानते

दिल शरीर का नहीं

आत्मा के अंदर सोता