यक यक

हम है भरपूर नालायक
जडी जुबानो के नही नायक
सास का पूरा नाम खलनायक
जो न मिटे अदर वो ही बाहर

दबाये दायक

जीवं()त

स्थिरता में सास से नही लड़ोगे तो स्थिर साँस तो जीवित भी नही भरेगी

वेहली है दुनिया अदर दुयी निया
खाली वेला तो है गोदी की रात की बूँदिआ

शरीर की मैल रहे घर के अदर तूतू मै मै की छैल
आत्मा नही रहती खाली कब्र की फरजी फैल