वा _it गाया

क्या


मा-वा का दुनिया से भरपूर रि-श()ता होता है

जो re()श्ते के अदर ही एक वा को खोता है


अपवित्र असुर ही अपने घर के अदर दुनिया के एक एक को उ-चा-चा रखते है

कहा यह गया मे एक तो ग्वाच ही गाया


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& गोदी तो होगी ही नाराज अदर के दामाद की pit_ness

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एक महा()

दुनिया का(की) भरपूर ज़मीन भरपूर आसमान


भरपूर घर बसाते है अदर दुनिया का एक इम्तिहान


आधा जन्म भूल-आते है अदर भरपूर मे()मान


अदर ही भरपूर डुबाये भरपूर उभरे एक महान

आ()बाद

उजड़ी हुई दुनिया मे कितने दिल भरपूर जुड़े है


जुड़े हुओ के अदर की भरपूर दुनिया ने ही दिल भरपूर उजाड़े है

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हस-रतो के दाग भरपूर ज़िम्मेदार


बस्ते है भरपूर मन्नतो के बाद भरपूर रस्ते आबाद

भरपूर साया

यह तो गोदी की ख़ाली छईया को देख के ही खुश नहीं अंदर आते

तो दुनिया का बिना मईया का भगवन देख के किसको दुःख होगा

मईया के दिये दिए से खुश नहीं हो जो दुनिया के भगवानो को

एक भरते हो
भांगते


आधा जनम आड़े आयी सास के वास की भड़ास का भाया
भरपूर सोच में ही उलझे रहे सास का साया